Ration Card Update 2026: 1 फरवरी 2026 से बदले राशन के नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगा

Ration Card Update 2026 फरवरी 2026 से राशन कार्ड नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। ये बदलाव मुख्य रूप से पारदर्शिता बढ़ाने, फर्जीवाड़े को रोकने और पात्र लाभार्थियों तक सही लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए हैं। Ration Card Update 2026  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य बनाया गया है, जिसके बिना राशन वितरण प्रभावित हो सकता है।

ई-केवाईसी अनिवार्य: 1 फरवरी से प्रभावी

उत्तराखंड सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए आधार-आधारित ई-केवाईसी को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। Ration Card Update 2026 यदि किसी राशन कार्ड में सभी सदस्यों का आधार सत्यापन 31 जनवरी तक पूरा नहीं होता, तो 1 फरवरी 2026 से वह कार्ड अमान्य माना जाएगा। इसका सीधा असर यह होगा कि ऐसे कार्डधारकों को मुफ्त या सब्सिडी वाला राशन नहीं मिलेगा। राज्य में अभी भी करीब 10 लाख राशन कार्डधारकों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। विभाग का कहना है कि यह कदम डुप्लिकेट और फर्जी कार्डों को हटाने में मदद करेगा।

दूरस्थ और पर्वतीय इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण ई-केवाईसी में देरी हो रही है। विभाग ने अभियान चलाया है और शासन स्तर पर समयसीमा बढ़ाने की चर्चा भी चल रही है ताकि अधिक से अधिक लोग प्रभावित न हों। अपर आयुक्त पीएस पांगती ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को समस्या नहीं होने दी जाएगी, लेकिन फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सख्ती जरूरी है।

अपात्र कार्डधारकों पर सख्ती

Ration Card Update 2026 नए नियमों के तहत अपात्र घोषित कार्डधारकों का राशन वितरण भी 1 फरवरी से बंद कर दिया जाएगा। इसमें वे लोग शामिल हैं जिनके पास चार पहिया वाहन हैं, सरकारी नौकरी है या आय तय सीमा से अधिक है। प्रदेश में अब तक 500 से अधिक ऐसे राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं, जहां उच्च आय वर्ग के लोग लाभ ले रहे थे। यह सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान चलाया गया है कि लाभ केवल जरूरतमंदों तक पहुंचे।

राशन में नई सुविधाएं और बदलाव

फरवरी से राशन वितरण में कुछ सकारात्मक बदलाव भी आ रहे हैं। Ration Card Update 2026 अब गेहूं और चावल के अलावा दाल और नमक भी राशन के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लाभार्थियों को अतिरिक्त राहत मिलेगी। खाद्यान्न वितरण के मानकों को और पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। ई-केवाईसी के साथ-साथ डिजिटल ट्रैकिंग और नियमित सत्यापन पर जोर दिया जा रहा है।

ये बदलाव उत्तराखंड सरकार की ओर से PDS (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। लाखों गरीब परिवारों के लिए राशन एक बड़ा सहारा है, इसलिए सभी कार्ड धारकों से अपील है कि वे तुरंत ई-केवाईसी करा लें। यदि कोई तकनीकी समस्या है तो नजदीकी राशन दुकानदार, जिला पूर्ति कार्यालय या विभाग की हेल्पलाइन से संपर्क करें। समय पर कार्रवाई न करने से राशन बंद होने का खतरा है, जो परिवारों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

ई-केवाईसी कैसे करवाएं?

ई-केवाईसी प्रक्रिया सरल है। इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से पूरा किया जा सकता है:

  • ऑनलाइन: उत्तराखंड खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (fcs.uk.gov.in) या RCMS पोर्टल (rcmspds.uk.gov.in) पर जाकर आधार लिंकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन करवाएं।
  • ऑफलाइन: नजदीकी फेयर प्राइस शॉप, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस या जिला आपूर्ति कार्यालय में संपर्क करें। मोबाइल नंबर और आधार कार्ड साथ ले जाएं। यदि नेटवर्क समस्या है, तो विभाग विशेष कैंप लगा रहा है। तुरंत संपर्क करें ताकि राशन बंद न हो।

लाभार्थियों के लिए सलाह

राशन कार्ड धारकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा कर लें।Ration Card Update 2026 यह न केवल राशन सुनिश्चित करेगा, बल्कि सरकारी योजनाओं के तहत अन्य लाभ भी प्रभावित नहीं होंगे। विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

ये बदलाव राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुरूप हैं और देशभर में लागू हो रहे हैं। उत्तराखंड में यह कदम लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। समय रहते कार्रवाई करें और लाभ उठाएं।

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