यूपी के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी : Heavy rain in UP

Heavy rain in UP: यूपी के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी फरवरी 2026 की शुरुआत में उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। जनवरी के अंत में ठंड कुछ कम हुई थी, लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों में भारी बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा जैसे क्षेत्रों में झमाझम बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम बदल गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी का असर

Heavy rain in UP भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, हाल के दिनों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड) में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी हो रही है। मैदानी इलाकों में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रह सकती है।

  • दिल्ली-एनसीआर: यहां बारिश के साथ घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी कम हो गई है और सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रह रहा है।
  • उत्तर प्रदेश: प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना भी जताई गई है।
  • पंजाब और हरियाणा: शीतलहर और घने कोहरे ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कम विजिबिलिटी के कारण सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है।

ठंड और कोहरे की स्थिति

वर्तमान में ठंड फिर से तेज हो गई है। न्यूनतम तापमान कई जगहों पर 5-10 डिग्री सेल्सियस के बीच है, जबकि पहाड़ी इलाकों में यह 0 डिग्री से नीचे जा रहा है। घना कोहरा सुबह के समय आम है, जो यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिलसिला कम से कम अगले 4-7 दिनों तक जारी रह सकता है, क्योंकि एक नया पश्चिमी विक्षोभ 5 फरवरी के आसपास प्रभाव डाल सकता है।

फरवरी में समग्र मौसम पूर्वानुमान

IMD के लंबी अवधि के अनुमान के मुताबिक, फरवरी 2026 में पूरे देश में बारिश सामान्य से कम (81% से नीचे LPA) रहने की संभावना है। वहीं, न्यूनतम और अधिकतम तापमान अधिकांश हिस्सों में सामान्य से ऊपर रह सकते हैं। जनवरी में बारिश सामान्य से काफी कम (लगभग 31.5% कम) दर्ज हुई थी।

इससे कृषि पर असर पड़ सकता है, खासकर गेहूं और जौ जैसी रबी फसलों में समय से पहले पकने का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, वर्तमान सक्रिय मौसम प्रणाली से अल्पकालिक राहत मिल रही है, लेकिन लंबे समय में सूखेपन जैसी स्थिति बन सकती है।

सावधानियां और सलाह

  • घने कोहरे और कम विजिबिलिटी में वाहन चलाते समय सतर्क रहें, हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें।
  • ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, खासकर बच्चे और बुजुर्ग सावधान रहें।
  • दिल्ली-एनसीआर में बारिश और प्रदूषण के संयोजन से सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसलिए मास्क का उपयोग करें।
  • यात्रा से पहले मौसम अपडेट चेक करें।

यह मौसम परिवर्तन उत्तर भारत के निवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सतर्कता से इसे संभाला जा सकता है। मौसम विभाग लगातार अपडेट जारी कर रहा है, इसलिए आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेते रहें।

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