राशन कार्ड और गैस सिलेंडर नियमों में 27 मार्च से बड़े बदलाव : Ration Card Gas Cylinder New Rules 2026 भारत में केंद्र सरकार ने राशन कार्ड और एलपीजी सब्सिडी से जुड़ी व्यवस्था को और मजबूत, पारदर्शी तथा डिजिटल बनाने के लिए हाल के महीनों में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं।
ये सुधार मुख्य रूप से फर्जीवाड़ा रोकने, सब्सिडी का सही लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता देने पर केंद्रित हैं। जनवरी 2026 से कई नियम सख्त हो गए हैं, जैसे e-KYC और आधार लिंकिंग, जबकि फरवरी में कुछ अतिरिक्त अपडेट्स देखने को मिले हैं।
इन बदलावों के पीछे मुख्य कारण
सरकार Ration Card Gas Cylinder को लंबे समय से यह चिंता रही है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और एलपीजी सब्सिडी में लीकेज और गलत लाभार्थी शामिल हो जाते हैं। डिजिटल सत्यापन, आधार से जुड़ी प्रक्रियाएं और पात्रता की सख्त जांच से अब लाभ केवल योग्य परिवारों तक ही पहुंचेगा। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और भ्रष्टाचार कम होगा।
प्रमुख बदलाव और नए नियम
- राशन कार्ड के लिए e-KYC अनिवार्य अब सभी राशन कार्ड धारकों को आधार से जुड़ा e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) पूरा करना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति समय पर e-KYC नहीं कराता, तो सब्सिडी वाले अनाज (जैसे चावल-गेहूं) का लाभ बंद हो सकता है। यह प्रक्रिया बायोमेट्रिक या OTP के जरिए होती है, जिससे केवल असली लाभार्थी ही राशन प्राप्त कर पाते हैं। कई राज्यों में जनवरी 2026 से यह सख्ती लागू हो गई है।
- एलपीजी सब्सिडी के लिए आधार और मोबाइल लिंकिंग जरूरी Ration Card Gas Cylinder रसोई गैस (LPG) पर सब्सिडी पाने के लिए गैस कनेक्शन को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य है। सब्सिडी सीधे बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए आती है। साथ ही, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट रखना जरूरी है ताकि OTP वेरिफिकेशन आसान हो। इससे फर्जी बुकिंग और सब्सिडी लूट को रोका जा रहा है। उज्ज्वला योजना के तहत भी ये नियम लागू हैं।
- अपात्र लाभार्थियों की पहचान और हटाना जिन परिवारों की वार्षिक आय निर्धारित सीमा से ज्यादा है, जिनके पास चार-पहिया वाहन, महंगी संपत्ति है या वे इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं, उन्हें अब लाभ से बाहर किया जा सकता है। ऐसे मामलों में राशन कार्ड रद्द हो सकता है और गैस सब्सिडी बंद हो सकती है। इसका उद्देश्य संसाधनों को गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक सीमित रखना है।
- राशन वितरण और सामग्री में सुधार राशन की दुकानों पर अब e-PoS मशीनों से डिजिटल वितरण हो रहा है, जिससे तौल-माप में गड़बड़ी कम हुई है। वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना को और मजबूत किया गया है, ताकि प्रवासी मजदूर देश में कहीं भी अपना राशन ले सकें। कुछ राज्यों में राशन में दाल, चीनी, नमक और खाद्य तेल जैसी अतिरिक्त वस्तुएं भी शामिल की जा रही हैं।
पात्रता के मुख्य मानदंड
नए नियमों के तहत लाभ पाने के लिए ये शर्तें पूरी करनी होंगी:
- परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के अंदर हो।
- किसी सदस्य के पास अत्यधिक संपत्ति या लग्जरी वाहन न हो।
- सभी सदस्यों का आधार कार्ड राशन कार्ड और गैस कनेक्शन से लिंक हो।
- e-KYC पूरा हो।
- बैंक खाता आधार से जुड़ा हो (DBT के लिए)।
- मोबाइल नंबर अपडेट और आधार से लिंक हो।
जरूरी दस्तावेज और सलाह
- सभी परिवार सदस्यों का आधार कार्ड।
- राशन कार्ड की कॉपी।
- LPG कनेक्शन नंबर और विवरण।
- आधार से लिंक बैंक खाता पासबुक या डिटेल्स।
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर।
इन दस्तावेजों को समय-समय पर अपडेट रखें। आप अपने राज्य के PDS पोर्टल, इंडेन/भारत/एचपी गैस ऐप या निकटतम फेयर प्राइस शॉप/गैस एजेंसी पर जाकर e-KYC और लिंकिंग करवा सकते हैं।
ये बदलाव सरकार की डिजिटल इंडिया और सबका साथ-सबका विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि आपके पास राशन कार्ड या LPG कनेक्शन है, तो जल्द से जल्द इन प्रक्रियाओं को पूरा कर लें ताकि किसी तरह की परेशानी न आए। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट्स जैसे nfsa.gov.in या pmuy.gov.in पर विजिट करें।