गेहूं की फसल में 50 से 80 दिन के बीच करें ये 1 जरूरी काम, बालियां होंगी लंबी, मोटी और वजनदार गेहूं की फसल 50 से 80 दिनों की होने पर यह दौर बहुत निर्णायक होता है। इस समय सही प्रबंधन से दानों की संख्या, आकार, वजन और कुल पैदावार में काफी सुधार हो सकता है। फसल की मौजूदा स्थिति के आधार पर उचित उपाय अपनाकर आप अच्छी क्वालिटी वाले दाने प्राप्त कर सकते हैं।
अगर फसल में अत्यधिक बढ़वार या लॉजिंग (गिरने) का खतरा हो
कई बार गेहूं की फसल में ज्यादा नाइट्रोजन (यूरिया) देने या तेज बढ़ने वाली किस्मों में पौधे लंबे हो जाते हैं, जिससे तना कमजोर पड़कर फसल गिरने लगती है। ऐसे में प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (PGR) का उपयोग फायदेमंद होता है। उदाहरण के लिए, क्लोरमेक्वाट क्लोराइड या इसी तरह के PGR (जैसे लियोसिन/लिहोसिन) का स्प्रे 1 मिली प्रति लीटर पानी में करें। इससे पौधे की ऊंचाई नियंत्रित होती है और ऊर्जा बालियों के विकास तथा दानों के भराव में लगती है।
इसके साथ ही पीला रतुआ (yellow rust) या अन्य फफूंद जनित रोगों से बचाव के लिए टेबुकोनाजोल आधारित फंगीसाइड (जैसे 1-2 ग्राम प्रति लीटर) मिलाकर स्प्रे करें। यह फसल को स्वस्थ रखता है और पैदावार की रक्षा करता है।
अगर फसल सामान्य और स्वस्थ दिख रही हो
गेहूं की फसल में इस स्थिति में पैदावार बढ़ाने के लिए पोटाश और फास्फोरस पर फोकस करें। NPK 0:52:34 (मोनो पोटैशियम फॉस्फेट) का 800-1000 ग्राम प्रति एकड़ (या 1 किलो तक) पानी में घोलकर स्प्रे करें। साथ में बोरोन (सोडियम बोरेट या सॉल्यूबल बोरोन) 80-100 ग्राम प्रति एकड़ मिलाएं।
फास्फोरस और पोटाश दानों को मोटा, चमकदार और भारी बनाने में मदद करते हैं, जबकि बोरोन बालियों में दानों का समान भराव सुनिश्चित करता है और खाली बालियों की समस्या कम करता है। यह स्प्रे 60-75 दिनों के आसपास सबसे प्रभावी होता है।
अगर फसल कमजोर हो या पत्तियों में पीलापन दिख रहा हो
गेहूं की फसल में पीलापन ज्यादातर सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से होता है। ऐसे में जिंक सल्फेट, मैग्नीशियम सल्फेट, मैंगनीज सल्फेट और फेरस सल्फेट (प्रत्येक 400-500 ग्राम प्रति एकड़) का मिश्रण बनाएं। इनमें बोरोन 80-100 ग्राम अतिरिक्त डालें। सबको अलग-अलग अच्छी तरह घोलकर 150-200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।
यह स्प्रे क्लोरोफिल बढ़ाता है, पत्तियां गहरे हरे रंग की हो जाती हैं और फोटोसिंथेसिस बेहतर होता है, जिससे फसल मजबूत बनती है।
महत्वपूर्ण टिप्स
- स्प्रे सुबह या शाम के समय करें, जब धूप तेज न हो।
- हमेशा साफ पानी का उपयोग करें और मात्रा फसल की घनत्व के अनुसार एडजस्ट करें।
- स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या मिट्टी परीक्षण के आधार पर सलाह लें, क्योंकि मिट्टी की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
- समय पर स्प्रे करने से दाने भराव अच्छा होता है और पैदावार 10-20% तक बढ़ सकती है।
आपकी गेहूं की फसल कितने दिनों की है और उसकी वर्तमान स्थिति कैसी है? कमेंट में बताएं, ताकि और सटीक सुझाव दे सकें। सही समय पर सही कदम उठाकर इस सीजन में शानदार फसल पाएं!